ताजमहल का जिक्र होते ही आप को आगरा शहर की याद आती होगी। ताजमहल दुनिया में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। लेकिन क्या आपको पता है की आगरा के अलावा मध्यप्रदेश की राजधनी भोपाल में भी एक ताजमहल है जिसके बार में शायद ही आपने सुना होगा। देखरेख न होने की वजह से ये ताजमहल बदहाल हो गया था, लेकिन अब भोपाल के इस ताजमहल की तस्वीर बदलने लगी है। नवाबी दौर की शान कहे जाने वाले ताजमहल को फिर से आबाद करने की तैयारी चल रही है। भोपाल ताजमहल को अब पर्यटकों के लिए हैरीटेज होटल में तब्दील करने की तैयारी चल रही है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिए ताजमहल को संवारने के प्रयासों में लगा हुआ है। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) को ताजमहल का हेरीटेज लुक डिजाइन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसपीए बताएगा कि कौन से निर्माण नए सिरे से करने की जरूरत है और ताजमहल के कौन से हिस्से को बिना छेड़छाड़ के जस का तस रखना है। डिजाइन और ड्राइंग तैयार होने के बाद निर्माण एंजेसी का चयन करके काम काज शुरू किया जाएगा। कामकाज की निगरानी के लिए पर्यटन विकास निगम एक समिति का गठन करेगा।
भोपाल के ताजमहल की बात करें तो ये महल 150 साल पहले नवाबी दौर में इसे शाहजहां बेगम ने बनवाया था। 1877 में ताजमहल का निर्माण बेगम ने गर्मी में आराम करने के लिए कराया था। करीब 2.1 हेक्टेयर जमीन पर बना ताजमहल नवाबी दौर की शान के तौर पर देखा जाता है। ताजमहल में हाल, बड़े लान के अलावा 20 कमरे हैं।
भोपाल के ताजमहल की बात करें तो ये महल 150 साल पहले नवाबी दौर में इसे शाहजहां बेगम ने बनवाया था। 1877 में ताजमहल का निर्माण बेगम ने गर्मी में आराम करने के लिए कराया था। करीब 2.1 हेक्टेयर जमीन पर बना ताजमहल नवाबी दौर की शान के तौर पर देखा जाता है। ताजमहल में हाल, बड़े लान के अलावा 20 कमरे हैं।

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