Thursday, 14 July 2016

अगर घर से शुरू करना हो बिजनेस, तो यह गाइड बताएगी आपको कैसे मिलेगी मदद


दोस्तों आज सबको सरकारी नौकरी मिलना मुश्किल है और प्राइवेट सेक्टर में भी काफी कॉम्पिटिशन है, ऐसे में खुद का बिजनेस करना ही एकमात्र विकल्प बचता है। इसके लिए आपको बहुत कुछ नहीं, सिर्फ एक गाइड की जरूरत है, जो आपको बताएगी कैसे घर बैठे आप कम संसाधनों में भी अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं औऱ 50 हजार से 1 लाख रुपए तक कमा सकते हैं। दरअसल हमारे पीएम साहब मोदी जी की एक योजना शुरू की है जिसका नाम है स्टार्टआप इंडिया इस योजना के मुताबिक आपको छोटे बिज़नेस के लिये सरकार आपकी मदद करेगी आपको काम ब्याज पर लोन दिया जायेगा इसके लिया सरकार ने एक पुस्तक जारी की है जिसमे आप 200 से ज्यादा बिजनेस ऑप्शन देख सकते है
इस गाइड में इंडिया के 200 सफल बिजनेस का जिक्र है। साथ ही ये भी बताया गया है कि आप कैसे अपना बिजनेस शुरू करें, कहां से मटेरियल खरीदें और कहां बेचें। गाइड में छोटे, घरेलू और बड़े उद्योगों को श्रेणीवार बांटा गया है।
200 सफल उद्योगों की जानकारी देने वाले इस गाइड की कीमत 999/- रुपए है। इसमें 1800 पेजेस है जो कि आपकी सुविधा के लिए हिंदी और इंग्लिश में मौजूद है।
गाइड में 100 छोटे घरेलू उद्योगों की जानकारी है, जो आप अपने परिवार के साथ मिलकर शुरू कर सकते हैं। इनमें अगरबत्ती, मोमबत्ती, दोना-पत्तल, मसाला उद्योग, अचार बनाना, मेहंदी बनाना, साबुन उद्योग, फिनाइल उद्योग, प्रिंटिग प्रेस, मुर्गी पालन आदि शामिल है।
साथ ही इस गाइड में 100 बड़े उद्योगों जैसे मिनरल वॉटर, सोडा वॉटर, प्लास्टिक बॉटल, राइस मिल, ईंट निर्माण, फ्लोर मिल, पावडर आदि की पूरी जानकारी मौजूद है।
गाइड में ये जानकारियां आपको मिलेंगी
- बिजनेस कैसे करें, कितना इन्वेस्टमेंट लगेगा, कितने वर्कर लगेंगे, प्लॉट एरिया, मशीनरी, बिजली, पानी, फर्नीचर, फाइनेंस करने वाली बैंक, बैंक सब्सिडी, कितना प्रॉफिट होगा, लाइसेंस बनवाना, ट्रेडमार्क और राज्य तथा केंद्र सरकार द्वारा की उन योजनाओं का भी जिक्र है, जिनकी मदद से आप अपना बिजनेस खड़ा कर सकते हैं।

- इस गाइड के साथ 850/- रुपए की एक रॉ मटेरियल बुक भी फ्री दी जा रही है, जिसमें आपको इंडिया के सभी राज्यों के 7000 थोक व्यापारियों की पूरी जानकारी मिलेगी। इस गाइड के जरिए आप जान सकेंगे कि कच्चा माल कहां से खरीदना है और बना हुआ माल कहां बेचना है। इसके अलावा उद्योग में लगने वाली मशीनरी और व्यवसाय में लगने वाला जरुरी सामान कहां से ले सकते हैं। उनके नाम, पते, मोबाइल नंबर, लैंडलाइन नंबर और वेबसाइट एड्रेस भी इस गाइड में मौजूद है।
कैसे ले सकते हैं ये गाइड-
अगर आप इस गाइड को लेना चाहें तो बड़ी आसानी से ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। Online Payment करने पर आपको 5% का डिस्काउंट Yr मिलेगा। आर्डर करने के 5-7 दिन के अंदर ये गाइड आपके बताए पते पर भेज दी जाएगी। याद रखिए आपको सिर्फ 999/- रुपए का भुगतान करना है जिसमें आपको दो गाइड मिलेगी। इसके अलावा कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। अधिक जानकारी के लिए इस  वेबसाइट को विजिट करें
http://200startupindia.com/

Saturday, 9 July 2016

क्यों जरुरी है अंडे का पिला हिस्सा

अंडे का पिला हिस्सा भी खाये मिलेंगे यह फायदे
दोस्तों आप में से कई लोग हररोज सुबह नाश्ते  में अंडे खाते होंगे अंडे हमारी ताकत बढ़ाते है आजकल जिम जानेवाला लगभग हर युवा अंडे खाता है  लेकिन कई बार कुछ लोगों के कहने पर अंडे में से पिला हिस्सा हम निकाल फेंकते है क्यों की उससे हमे गर्मी की समस्या होती है लेकिन क्या आपको पता है इस पिले हिस्से के भी कई फायदे है आइये जानते है
१}अंडे की पिले हिस्से में जींक होता है जो पुरुषों में एनर्जी लेवल को बढ़ता है
२}इसकी एंटीइंफ्लेमेटरी बॉडी में दर्द को कम करती है
३}इसमें मौजूद प्रोटीन बॉडी में ब्लड सरकुलेशन ठीक रखता है जिससे ब्लड प्रेशर ठीक रहता है
४}इसमें karonotaidas एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो आँखों को हेल्दी रखने में मदद करते है
५}इसमें विटामिन बी भरपूर होता है जो नर्वस सिस्टिम को चलाने में काफी मददगार साबित होता है
६}इसमें आयरन अच्छी मात्रा में होता है जो अनीमिया की सम्भवना को कम करता है
७}इसमें कॉलिन भरपूर होता है जो हमारा कैंसर से बचाव में मदद करता है
८}इसमें पाया जानेवाला विटामिन ए हमारी स्किन पर ग्लो लाता है और उसे हेल्दी रखता है
९}यह पिला हिस्सा विटामिन ए ,बी,डी ,इ ,के और मिनरल्स से भरपूर होता है लेकिन ये विटामिन अंडे के सफेद हिस्से में नहीं पाए जाते
 १०}इसमें ओमेगा ३ होता है जो बालों को हेल्दी रखता  

Monday, 4 July 2016

भारत में है एक और ताजमहल

ताजमहल का जिक्र होते ही आप को आगरा शहर की याद आती होगी। ताजमहल दुनिया में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। लेकिन क्या आपको पता है की आगरा के अलावा मध्यप्रदेश की राजधनी भोपाल में भी एक ताजमहल है जिसके बार में शायद ही आपने सुना होगा।  देखरेख न होने की वजह से ये ताजमहल बदहाल हो गया था, लेकिन अब भोपाल के इस ताजमहल की तस्वीर बदलने लगी है। नवाबी दौर की शान कहे जाने वाले ताजमहल को फिर से आबाद करने की तैयारी चल रही है। भोपाल ताजमहल को अब पर्यटकों के लिए हैरीटेज होटल में तब्दील करने की तैयारी चल रही है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिए ताजमहल को संवारने के प्रयासों में लगा हुआ है। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) को ताजमहल का हेरीटेज लुक डिजाइन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  एसपीए बताएगा कि कौन से निर्माण नए सिरे से करने की जरूरत है और ताजमहल के कौन से हिस्से को बिना छेड़छाड़ के जस का तस रखना है। डिजाइन और ड्राइंग तैयार होने के बाद निर्माण एंजेसी का चयन करके काम काज शुरू किया जाएगा। कामकाज की निगरानी के लिए पर्यटन विकास निगम एक समिति का गठन करेगा।
भोपाल के ताजमहल की बात करें तो ये महल 150 साल पहले नवाबी दौर में इसे शाहजहां बेगम ने बनवाया था। 1877 में ताजमहल का निर्माण बेगम ने गर्मी में आराम करने के लिए कराया था। करीब 2.1 हेक्टेयर जमीन पर बना ताजमहल नवाबी दौर की शान के तौर पर देखा जाता है। ताजमहल में हाल, बड़े लान के अलावा 20 कमरे हैं।

Saturday, 2 July 2016

शुक्रवार को ही क्यों?

    हिन्दुस्तान में आखिर शुक्रवार को ही क्यों रिलीज होती है फिल्म

इस दुनिया में सभी बहुत बिजी है और आजकल की दौड़ती-भागती जिन्दगी में फ्राईडे यानी शुक्रवार, हफ्ते के सबसे अच्छे दिन के रूप में जाना जाता है। यह पूरे हफ्ते का सबसे अच्छा दिन होता है क्योंकि यह हफ्ते का लास्ट वर्किंग-डे होता है यानी कि इसके बाद ज्यादातर लोगों को दो दिन की छुट्टी मिलती है। लेकिन इस दिन को सबसे अच्छा दिन इसलिए भी माना जाता है क्योंकि बॉलीवुड की सभी फिल्में हफ्ते के इसी दिन रिलीज होती हैं।ज्यादातर हम सब अकसर वीकेंड की प्लांनिंग करते टाइम ये ज़रूर डिस्कस करते हैं कि इस हफ्ते कौन सी फ़िल्म रिलीज होने वाली है। ये तो सबको ही पता होगा कि बॉलीवुड में फिल्में फ्राइडे को ही रिलीज़ होती हैं, लेकिन क्या आपको ये पता है कि हिन्दी सिनेमा की फिल्में फ्राइडे को ही क्यों रिलीज़ होती हैं? शायद नहीं पता होगा। आज हम आपको यही बताएंगे कि फिल्में फ्राइडे को ही क्यों रिलीज़ होती हैं।आपको बता दें कि ज्यादातर लोगों का ये मानना है कि बॉलीवुड मूवीज़ का फ्राइडे को रिलीज़ होने का चलन हॉलीवुड से आया है। हॉलीवुड की चर्चित फ़िल्म 'Gone With The Wind' दिसम्बर 15,1939 में फ्राइडे को रिलीज़ हुई थी और तब से वहां पर कोई भी मूवी फ्राइडे को ही रिलीज़ होती है। हालांकि फ़िल्म का प्रीमियर थर्सडे यानी गुरुवार को ही होता है। लेकिन भारत में फ्राइडे को फ़िल्म रिलीज़ करने का चलन 1950 के अंत में शुरू हुआ था। हिन्दी सिनेमा का 'मील का पत्थर' फ़िल्म 'नील कमल' मार्च 24, 1947, मंडे के दिन रिलीज हुई थी। जबकि क्लासिक फ़िल्म 'मुग़ल-ए-आज़म' वो पहली फ़िल्म थी, जो अगस्त 5, 1960, फ्राइडे को रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म की सफलता को देखते हुए बॉलीवुड की फिल्मों को फ्राइडे के दिन रिलीज करने का रिवाज शुरू हो गया।
खबरों के अनुसार उस वक़्त तक इंडिया में कलर टीवी नहीं आए थे, फिर भी फिल्में फ्राइडे को ही रिलीज़ होने लगीं। और ज्यादा से ज्यादा लोग इन फिल्म्स को देखें, इस उद्देश्य से मुंबई की कुछ कम्पनीज़ में फ्राइडे के दिन हॉफ-डे भी होने लगा था।